Mahakal Tattva
उज्जैन महाकालेश्वर तीर्थ के प्रतिष्ठित वैदिक विद्वानों द्वारा अपनी कुंडली के गंभीर दोषों — कालसर्प, मंगल दोष, पितृ दोष, विवाह व व्यापार बाधा का शास्त्रीय निवारण जानें।
दोष का चयन करें और सीधे पंडित जी से उस विषय पर लाइव मार्गदर्शन व पूजा विधि प्राप्त करें।
जब जन्मपत्रिका में राहु और केतु के मध्य सभी सात ग्रह आ जाते हैं, तो कालसर्प योग बनता है।
कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में मंगल का होना। उज्जैन स्थित मंगलनाथ मंदिर मंगल देव की जन्मस्थली है।
पूर्वजों की अतृप्ति या सूर्य-राहु युति से उत्पन्न पितृ दोष घर की प्रगति को पूरी तरह रोक देता है।
गुप्त शत्रुओं की कुदृष्टि, झूठे मुकदमे, ईर्ष्या व नकारात्मक ऊर्जा से बचाव हेतु अचूक सुरक्षा कवच।
बृहस्पति अथवा शुक्र ग्रह का निर्बल होना या सप्तम भाव पर क्रूर ग्रहों का प्रभाव विवाह में बाधा डालता है।
धन स्थान पर शनि-राहु की दृष्टि या दरिद्र योग के कारण कड़ी मेहनत के बावजूद व्यापार में घाटा होता है।
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कालसर्प, मंगल, पितृ, विवाह अथवा व्यापार दोष में से अपनी परेशानी का चयन करें।
अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें ताकि पंडित जी आपसे सीधे चैट रूम में कनेक्ट हो सकें।
पंडित जी चैट में आपकी जन्मपत्रिका देखकर शास्त्रीय पूजा और सिद्ध रुद्राक्ष का उपाय बताएंगे।
हाँ, महाकाल तत्व की इस सेवा के अंतर्गत आपकी समस्या सुनना और कुंडली दोष का विश्लेषण करना 100% निःशुल्क है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
यदि आप स्वयं उज्जैन आ सकते हैं तो अति उत्तम है। परंतु यदि आप दूर रहते हैं, तो पंडित जी आपके नाम, गोत्र व संकल्प के साथ लाइव वीडियो कॉल पर पूर्ण विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाते हैं और वीडियो प्रमाण आपके खाते में अपलोड किया जाता है।
पूजा संपन्न होने के पश्चात अभिमंत्रित भस्म, रक्षा सूत्र, चांदी का सिक्का व प्रसाद सुरक्षित रूप से स्पीड पोस्ट/कूरियर द्वारा आपके पते पर भेज दिया जाता है।
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